देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से आज लोक भवन में भारत के तीन उच्चायुक्तों ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर जाम्बिया में भारत के उच्चायुक्त श्री आलोक रंजन झा, लिथुआनिया में भारत के उच्चायुक्त श्री देवेश उत्तम तथा जमैका में भारत के उच्चायुक्त श्री मयंक जोशी ने राज्यपाल से मुलाकात की।
भेंट के दौरान उच्चायुक्तों ने अपने-अपने देशों में भारत के राजनयिक मिशनों की गतिविधियों एवं कार्यों के संबंध में राज्यपाल को जानकारी दी। राज्यपाल ने भी उन्हें उत्तराखण्ड की विशिष्ट सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं प्राकृतिक विरासत के साथ-साथ राज्य में पर्यटन, स्वास्थ्य एवं वेलनेस के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं से अवगत कराया।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड अपनी समृद्ध आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत, योग एवं आयुर्वेद परंपरा के कारण पर्यटन का महत्वपूर्ण केंद्र बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने तीनों उच्चायुक्तों से अपने-अपने देशों में उत्तराखण्ड की आध्यात्मिक एवं वेलनेस पर्यटन क्षमता, योग, आयुर्वेद, मिलेट्स, स्थानीय एवं पारंपरिक उत्पादों तथा होमस्टे संस्कृति को प्रचारित एवं प्रसारित करने में सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अंतर्राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने तथा राज्य के युवाओं और स्वयं सहायता समूहों को नए अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय एवं पारंपरिक उत्पादों तथा मिलेट आधारित उत्पादों को संबंधित देशों में प्रोत्साहित करने की संभावनाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के होमस्टे, स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प एवं ग्रामीण जीवन से जुड़े अनुभव विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं।
राज्यपाल ने विशेष रूप से बालिकाओं के लिए अंतर्राष्ट्रीय अनुभव एवं सीख के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में पहल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की छात्राओं के लिए संबंधित देशों में स्टडी टूर एवं एक्सपोजर विजिट आयोजित किए जाने से उन्हें वहां की शिक्षा, संस्कृति, तकनीक और कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिलेगा। इससे दोनों देशों के बीच युवा एवं शैक्षणिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा।