नई दिल्ली। श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व से पहले पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए करतारपुर कारिडोर खोल दिया जाएगा। केंद्र सरकार ने मंगलवार को इस बात का एलान किया है। गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा कि सिख तीर्थयात्रियों को लाभान्वित करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। 17 नवंबर यानी बुधवार से करतारपुर साहिब कारिडोर खोल दिया जाएगा।
अमित शाह ने अपने ट्वीट में लिखा, सिख तीर्थयात्रियों को लाभान्वित करते हुए एक बड़ा फैसला लिया गया है। इसके तहत केंद्र सरकार ने कल 17 नवंबर से करतारपुर साहिब कारिडोर को फिर से खोलने का फैसला किया है। यह निर्णय श्री गुरु नानक देव जी और हमारे सिख समुदाय के प्रति मोदी सरकार की अपार श्रद्धा को दर्शाता है।
बता दें कि इस संबंध में सोमवार को पंजाब भाजपा के नेताओं के एक शिष्टमंडल ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द से मुलाकात की थी। पंजाब भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा के साथ मुलाकात करने पहुंचे भाजपा राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम, प्रदेश महामंत्री दयाल सिंह सोढ़ी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हरजीत सिंह ग्रेवाल व किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बिक्रमजीत सिंह चीमा ने राष्ट्रपति से मांग की थी कि श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर करतारपुर कारिडोर को संगतों के लिए खोल दिया जाए। बता दें कि 19 नवंबर को प्रकाश पर्व मनाया जाएगा।
करीब डेढ़ साल पहले कोरोना महामारी के चलते कारिडोर को बंद कर दिया गया था। अश्विनी शर्मा ने कहा कि आजादी के वक्त तत्कालीन कांग्रेस नेताओं की गलत नीतियों के चलते करतारपुर साहिब गुरुद्वारा पाकिस्तान के पास चला गया था, जबकि गुरुद्वारा और उसके आस-पास का क्षेत्र भारता का हिस्सा होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि 60 सालों तक तत्कालीन सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। साल 2014 में भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने के बाद इस ओर प्रयास शुरू किए गए।