आचार्य बालकृष्ण जी के जन्मदिवस पर मनाया जड़ी-बूटी दिवस, जगह-जगह हुआ पौधारोपण व पौधों का वितरण

देहरादून। 28 जुलाई से शुरू हुए जड़ी-बूटी सप्ताह का मंगलवार 4 अगस्त को समापन हुआ। 4 अगस्त को पतंजलि योगपीठ के आचार्य श्री बालकृष्ण जी का जन्मदिवस जड़ी-बूटी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर पतंजलि योग समिति एवं भारत स्वाभिमान के कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण एवं पौधों के वितरण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को औषधीय पौधों के संरक्षण, संवर्धन और उनके उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।

जड़ी-बूटी दिवस के अवसर पर नंदा मुरारी धर्मशाला, श्यामपुर, प्रेमनगर, देहरादून में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 11 बजे हवन के साथ हुई। इसके पश्चात परिसर में नीम, जामुन और अमरूद सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का पौधारोपण किया गया तथा लोगों को पौधों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण एवं औषधीय वनस्पतियों के संवर्धन का संकल्प लिया।

इस दौरान विभिन्न औषधीय एवं उपयोगी पौधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने स्टीविया, अश्वगंधा, मीठी नीम, आक, भूमि आंवला, मकोय, पुनर्नवा, लेमन ग्रास, अकरकरा और दूधी आदि जड़ी-बूटियों के औषधीय गुणों और उनके महत्व पर प्रकाश डाला। लोगों को बताया गया कि हमारे आसपास पाई जाने वाली अनेक वनस्पतियां औषधीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इनके संरक्षण से आने वाली पीढ़ियों को भी लाभ मिल सकता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कुर्मांचल परिषद प्रेमनगर शाखा के अध्यक्ष श्री दुर्गा सिंह कान्याल ने की। इस अवसर पर पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी श्री बलबीर सिंह चौहान ने आचार्य श्री बालकृष्ण जी के जीवनवृत्त, उनके योग, आयुर्वेद एवं जड़ी-बूटियों के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। समिति के संरक्षक श्री जितेंद्र सिंह मियां ने विभिन्न जड़ी-बूटियों के औषधीय गुणों और दैनिक जीवन में उनके महत्व की जानकारी उपस्थित लोगों को दी।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ औषधीय वनस्पतियों का संरक्षण भी आवश्यक है। यदि अधिक से अधिक लोग अपने घरों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर औषधीय एवं फलदार पौधे लगाएं तो इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। जड़ी-बूटी सप्ताह का उद्देश्य भी आमजन को भारतीय परंपरा में मौजूद प्राकृतिक चिकित्सा एवं औषधीय वनस्पतियों के महत्व से परिचित कराना है।

पौधा वितरण एवं पौधारोपण कार्यक्रम के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से भोजन ग्रहण किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में भारत स्वाभिमान के जिला प्रभारी श्री आनंद सिंह रावत, श्री पंकज शर्मा, श्री रमेश ढौंडियाल, श्री प्रदीप कुमार शर्मा, श्री हरी सिंह बिष्ट, श्री यशवंत सिंह रावत, श्री पीताम्बर मुरारी, श्रीमती गीता बागड़ी, श्रीमती रेखा गुसाईं, श्रीमती गायत्री भाटिया, श्रीमती चनी डसीला, श्रीमती पुष्पा धामी सहित पतंजलि योग समिति एवं भारत स्वाभिमान के अनेक कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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