चकराता। उत्तराखंड राज्य के चकराता क्षेत्र के ग्राम मटियावा के निवासी और समाज सेवा व सांस्कृतिक कार्यों में निरंतर सक्रिय डॉ. गोपाल दास दीनदयाल को उनकी निस्वार्थ सेवा और समाज के प्रति अटूट समर्पण के लिए वर्ल्ड कल्चर एंड एनवायरमेंट प्रोटेक्शन कमीशन (WCEPC) द्वारा ‘डॉक्टरेट’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है।
हाल ही में 01 फरवरी, 2026a दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया (Constitution Club of India) में आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह के दौरान, संस्था के गणमान्य अतिथियों और विशिष्ट पदाधिकारियों द्वारा डॉ. गोपाल दास दीनदयाल को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया। यह उपाधि उन्हें विशेष रूप से पिछले 28 वर्षों से सांस्कृतिक संरक्षण और समाज के उत्थान की दिशा में किए गए उनके सराहनीय एवं निरंतर कार्यों के लिए दी गई है।
इस अवसर पर डॉ. गोपाल दास दीनदयाल ने अपना आभार व्यक्त करते हुए कहा:
”यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि मेरे क्षेत्र की लोक सांस्कृति और क्षेत्र के उन सभी जन मानस का है जिनके बूते यह प्रतिष्ठा मुझे प्राप्त हो सकी।