– बिजनौर में धूमधाम से मनाई गई चक्रवर्ती सम्राट महाराज सुहेलदेव राजभर जी की जयंती
बिजनौर। जनपद बिजनौर में चक्रवर्ती सम्राट महाराज सुहेलदेव राजभर जी की 1017वीं जयंती श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और क्षेत्रीय गणमान्य नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य महाराज सुहेलदेव के शौर्य, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति से युवा पीढ़ी को अवगत कराना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत चक्रवर्ती सम्राट महाराज सुहेलदेव राजभर जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके पश्चात उपस्थित वक्ताओं ने उनके जीवन, संघर्ष और ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि महाराज सुहेलदेव ने विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध संघर्ष कर मातृभूमि की रक्षा की और भारतीय संस्कृति की अस्मिता को सुरक्षित रखा। उनका जीवन त्याग, साहस और देशभक्ति का अनुपम उदाहरण है।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि महाराज सुहेलदेव का संघर्ष केवल युद्ध तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने सामाजिक एकता और संगठन की शक्ति को भी सशक्त किया। आज के समय में उनके विचार समाज को एकजुट रखने और राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। कार्यक्रम में युवाओं से महाराज सुहेलदेव के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष अशोक राठौड़, वसीम अहमद, जिला अध्यक्ष मुजफ्फर अली, जिला उपाध्यक्ष मुनेश, ब्लॉक अध्यक्ष किरतपुर नेपाल सिंह, रूपेंद्र, संगठन मंत्री विरेंद्र मंडल, उपाध्यक्ष मुरादाबाद विवेक नायक, प्रदेश सचिव, प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल शर्मा, राजपाल सिंह गुर्जर, प्रदेश सचिव सत्यम राठौड़, युवा जिला अध्यक्ष नकूज राजपूत, जिला महासचिव गुलाम साबिर, प्रदेश अध्यक्ष अलिफ अहमद सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने महाराज सुहेलदेव के आदर्शों को आत्मसात करने और समाज तथा राष्ट्र के हित में कार्य करने का संकल्प लिया। अंत में आयोजन को सफल बनाने वाले सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया गया।